सोमवार, 19 सितंबर 2022

ऐसा थोड़ी होता है

ऐसा थोड़ी होता है
जिस्म भले किसी और का हो
मेरी रूह तुम्हारी है जाना
मेरी शादी हो रही है अब 
मैं जान तुम्हारी पहचाना
मैं ज़ख्म जुदाई का लूंगी 
तुम दर्द भरा नगमा गाना
है तुम्हें कसम ओ जान मेरी 
मेरी शादी में जरूर आना

तू शेर के रहते कुत्ता पाले
ऐसा थोड़ी होता है
जिसको चाहे गले लगा ले 
ऐसा थोड़ी होता है
इश्क करें हम दोनों फिर भी 
दर्द मेरे हिस्से आए
तू फेरे ले हम फूल उछाले
ऐसा थोड़ी होता है

मैं घर वालों से नाता तोडूं 
ये भी अच्छी बात नहीं 
तेरी खातिर सब को छोडूं 
ये भी अच्छी बात नही 
तू सारे जग के सामने मुझको
बेवफा बज्जात कहे 
चुपचाप खड़ी में हथेली जोड़ू 
ये भी अच्छी बात नही

तेरे गुरुर के टुकड़े 
ताजे ताजे में होंगे
लोग रोते हुए 
गाजे-बाजे में होंगे
तुम मुझे छोड़कर जाना 
चाहती है चली जा
मगर ये याद रखना कि
तेरी बारात से ज्यादा लोग 
मेरे जनाजे में होंगे

मंगलवार, 19 जुलाई 2022

कोई लड़की किसी के बिना

कोई लड़की किसी के बिना
घर समाज तो दूर की बात मैं तुम्हारे लिए खुदा से भी लड़ जाऊंगी
किसी ने हमसे भी कहा था कभी कि तुम ना मिले तो मर जाऊंगी

अब चार चार समाज सेवकों से नैन लड़ा रही है फिर भी उसकी इच्छा नी भरती
सब कहने सुनने की बातें हैं मेरी जान कोई लड़की किसी के बिना नी मरती

इश्क करने से पहले दौलत कमा लेना मेरे दोस्त ये हुशन वाले सिर्फ पैसों को जानते हैं
खाली जेब के साथ चाहे जितनी भी वफाएं कर लो आखरी में पापा नी मानते हैं


वो बेवफा है तो इसके जिम्मेदार हम भी है किसी पे भी आंखमींच के भरोसा करना गलत है
ख़ैर, गलती तुम्हारी भी नही सब को शुरू शुरू यही लगता है कि मेरी वाली सबसे अलग है

अगर मेरी तुम्हारी सबसे अलग होती तो किसी और के घर की चौखट नी चढ़ती
सब कहने सुनने की बातें हैं मेरी जान कोई लड़की किसी के बिना नी मरती

हम सोचते हैं उसकी आंखों में हमारे लिए सिद्दत वाली मोहब्बत उभर आएगी
हाथ की नस काटने की धमकी दे देते हैं शायद डर जाएगी

अरे भाई तुम हाथ काटो या गला वो क्या तुम से डरेगी जो बाप से नी डरती
सब कहने सुनने की बातें हैं मेरी जान कोई लड़की किसी के बिना नी मरती

मंगलवार, 10 मई 2022

zahar

zahar
सिचुएशन 

लड़की गुस्से से चाय की चुस्की लेते हुए कहती है

क्या वाकई में कोई बात है या फिर मुझे तंग करने का बहाना है
खैर जो भी कहना जल्दी कहो मुझे वापस घर भी जाना है

इतनी जल्दी काहे की आखिर किस बात की हाय है 
जरा आराम से पीओ मेरी जान शायद ये तुम्हारे साथ मेरी आखिरी चाय है

इतनी चिढ़ भी किस बात की क्या मैं तुम्हारा कुछ बिगाड़ रहा हूं
तुम तो ऐसे गुस्सा हो रही हो जैसे मैं तुम्हारी इज्जत उतार रहा हूं

हां तो चीखो, चिल्लाओ यही आता है तुम्हें, हमेशा की तरह ताने मारोगे
पूरे मोहल्ले में तो बेवफा के नाम से बदनाम कर ही रखा है अब इससे ज्यादा क्या बिगाड़ोगे

लड़का लड़की के तेवर देख हैरान हो गया सोचा, लड़की हाथ से निकल गई
इतनी ही देर में लड़की के मुंह से खून की लार गिरने लगी जो उल्टी में बदल गई

अब सिचुएशन कुछ ऐसी है कि बाहों में दम तोड़ने वाला पोज है
लड़की की आंखों में सवाल तो कई है पर लब खामोश है

लड़के ने टेबल से अपना चाय का कप उठाते हुए कहा

इतिहास गवाह है मैंने अपना हर वादा निभाया है, 
मगर तुम्हारी तरफ से सिर्फ और सिर्फ धोखा खाया है
ज्यादा सोचने समझने दिमाग भिढ़ाने की जरूरत नहीं है मेरी जान 
क्योंकि तुम्हारी चाय में जहर मैंने ही मिलाया है

इतना कहने के बाद ही लड़के की आंखों में आंसू की बरसात उतर गई ना 
मगर लड़की चुप (क्यों)
मर गई ना

शनिवार, 9 अक्टूबर 2021

तुझे कसम है मेरी मौत पर

तुझे कसम है मेरी मौत पर
आज का ये जाम और मेरा आखिरी पैगाम मेरे महबूब के नाम...

मेरे दिल में थी तू और तेरा दिल खचाखच था
मेरी कमाई फिजूल तेरा खर्चा जायज था
क्या जायज था वो तेरा छोड़कर चले जाना
तुझे कसम है मेरी मौत पे जरूर आना

तूने मेरे ताने झेले मैंने तुझको झेला है 
मैंने सुबह 5बजे तक सोना बाबू खेला है
यार कि तेरे बड़ी गाड़ी बड़ा घर होगा 
मुझे यकीन है वो मुझसे तो बेहतर होगा
दवा दारू है मेरी और शहर मेय खाना
तुझे कसम है मेरी मौत पे जरूर आना

अगर है इश्क तुम्हें दूर भागती क्यों हो 
अगर नहीं है तो फिर छत से झांकती क्यों हो
याद में मेरी तुम तस्वीर देखती रहना 
फना हो जाऊंगा मैं आंखें सेकती रहना 
देखना एक दिन मर जाएगा यह दीवाना 
तुझे कसम है मेरी मौत पर जरूर आना

दोस्त दोस्त ना रहा और प्यार प्यार ना रहा

दोस्त दोस्त ना रहा और प्यार प्यार ना रहा
मैं बहुत खुश था मेरे साथ थी मेरी बंदीं 
मगर एक चूतिये की पड़ गई नजर गंदी
पूरा दिन फिरते किसी मूत से ना डरते थे
रात भर फोन पे हम चुमा चाटी करते थे
फिर उसके बाद उसका फोन बिजी आने लगा 
बाद में नंबर उसका स्विच ऑफ बताने लगा
बन गए दुश्मन सभी कोई भी यार ना रहा 
दोस्त दोस्त ना रहा और प्यार प्यार ना रहा

बाद महीने के मुझे एक दिन मिला मौका 
मैंने एक सांप के संग उसको गली में रोका
उठाया हाथ मैंने साथ किसके सोने लगी 
देखके यार मेरे संग सिसक के रोने लगी
तमाम खुदाओं कि वो झूठी कसमें खाने लगी
मैंने धूत कारा बाबू रूठ घर को जाने लगी
गया था साथ उसके यार जो कंधा बन के 
वो लौटा दो दिनों में बंदी का बंदा बन के
अब किसी बाबू का हमको इंतजार ना रहा 
दोस्त दोस्त ना रहा और प्यार प्यार ना रहा

शनिवार, 22 अगस्त 2020

कुल्हाड़ी

कुल्हाड़ी
जब कुल्हाड़ी से कटा जंगल में लकड़ी का बदन 
तब कहीं जाके बना काग़ज़ पे चिट्ठी का बदन
उम्र भर दूरी बना रक्खी थी मिट्टी से मगर
बाद मरने के मिला मिट्टी में मिट्टी का बदन
.
बेटी ने ऐसा भी, जाने क्या लिखा ससुराल से
आंसुओ से धो दिया है माँ ने चिट्ठी का बदन
होके पलकों में गिरफ्तार गले मिलती हैं
आंखें आंसू से कई बार गले मिलती हैं
.
अब सगे भाई से भाई यूं गले मिलता है 
जैसे तलवार से तलवार गले मिलती हैं
.
 
खंजर दिखा के सबको लगाते थे धार हम
गर्दन हमारी आपसी रंजिश मे कट गई

शनिवार, 7 अक्टूबर 2017

जरूरत क्या है

जरूरत क्या है

क्या हंसी यार कि सूरत है नज़ाकत क्या हैं ।
कोई  पूछें  मेरे दिल  से मेरी हालत क्या हैं ।
.
यार  की  बाहों   में  मदहोश  हुए  बैठा   हूँ,
अब मुझे  होश में  आने कि जरूरत क्या है

रविवार, 11 जून 2017

प्रेम का एहसास

प्रेम का एहसास

प्रेम अलग है, जीवन अलग है, समाज अलग है,  प्रेम इन सब बातो से परे है, प्रेम समाज से परे होकर जीता है और वो उसका अपना ही समाज होता है. प्रेम की असफलता के कई कारण हो सकते है पर प्रेम के होने का सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण हो सकता है और वो प्रेम ही है.

                                                    प्रेम का एहसास

प्रेम हमेशा ही अधुरा होता है. जिसे हम पूर्णता समझते है, वो कभी भी प्रेम नहीं हो सकता. प्रेम का कैनवास इतना बड़ा होता है कि एक ज़िन्दगी उसमे समाई नहीं जा सकती है. जब आप प्रेम में होते है तो आपको पता चलता है कि आप एक ज़िन्दगी भी जी रहे है…..और ज़िन्दगी ; परत दर परत ज़िन्दगी के रहस्य खोलती है. जिसे आप सिर्फ प्रेम ही समझते है और प्रेम में ही जीते है…. और ऐसा जादू सिर्फ और सिर्फ प्रेम में ही होता है…! जैसे कि अब हो रहा है मेरे साथ !