Sesion 2 –
Part 1
PUBG वाली
प्रोफाइल थी कंचा ब्यूटीफुल,
उसे किल लेने की बड़ी थी चूल।
स्क्वाड में सिंगल घुस जाती,
मुझे बॉट बुलाती थी बुलबुल।
मीटिंग की बातें चढ़ीं उरूज़,
तेरा भाई बन गया टॉम क्रूज़।
कल उससे मिलने जाना है,
जिसे बैड पर करता था महसूस।
थ्रोट में कड़वा घूंट गया,
जब मिलने पहुँचा टूट गया।
जिस दिन से देखा था उसको,
मेरा BGMI छूट गया।
ऐसी कौन-सी चीज़ है,
जो बच्चों को डरा रही?
प्रोफाइल उसकी जाली थी,
मेरे मुँह से निकली गाली थी।
मैं 19–20 तो सह जाता,
वो डामर जितनी काली थी।
Sesion 2
Part 2
Padosan
होंठों से लगती क्वाइट क्वीन,
आँखों से देती थी साइन,
घर वालों के सामने मुझको,
भाई बुलाती थी नागिन।
एवरी पोज़िशन होल्ड करूँ,
मैं खुद को उस पर सोल्ड करूँ
मेरा ड्रीम था उसको घर लाऊँ,
और बेड पे इसको बोल्ड करूं
घर वालों से भाग के दूर,
हनीमून को पहुँचे पीथमपुर,
रात मैंने दूध पिया और,
सुबह उठा तो चिड़िया फुर्र।
मैं समझा जिसको श्री जनाब,
वो काट गई, मेरा बड़ा ख़राब,
मेरे दूध में नशा मिलाके,
भाग गई किसी और के साथ।
Session 2
Part 3
Gym wali
हम सुध बुध भी खो जाते,
और खड़े-खड़े ही सो जाते।
जब जिम में एंट्री करती वो,
सब फ़्रीज़ जगह पे हो जाते।
फोकस रहता गिरगिटान में,
कई तीर छूट गए थे कमान में।
वो गोब्लेट सेट जब मारती थी,
मैं उड़ जाता था आसमान में।
हम्में थी शक्तियां हम भी
हवा में और वह भी हवा में
ग्रेविटी कहां गई इसमें
सस्पेंड हुई मेरी ग्रैविटी,
जब मैडम नंबर मुझको दी।
मैं हाथ जोड़ता हूँ भाई,
अब बोल भी दे, तूने ले ही ली।
था ट्रेनर उसका हमसाया,
बस नंबर मेरे हाथ आया।
थी 6 महीने की मेंबरशिप,
ना बॉडी बनी, ना ले पाया।
"तुम जैसे मादरचोद की अगर..."
खाली किसे दे दिया है बे तू
session 2
Part 4
Office wali
मदहोश करे मुझे जिसका टच,
हर EMPLOY की थी वो क्रश।
हम सेम पोस्ट पे थे दोनों,
और सेम डेस्क था बोथ ऑफ अस।
होंठों से करती मैनिपुलेट,
आँखों से करती थी डिबेट।
वो प्यार से कहती थी "प्लीज़",
मैं कर देता उसके प्रोजेक्ट।
इक शाम को निपटाने बुखार,
मैं बॉस की लाया कार उधार।
वो बोली कॉल पे गाँव से,
अचानक आ गई मॉम यार।
फिर दारू पी और चिकन ग्रेवी,
चाबी देने गया था हेवी।
टॉवल पहन के गेट पे आई,
बॉस से बोली, "कौन है, बेबी?"

