शनिवार, 6 जून 2015
मंगलवार, 26 मई 2015
*ग़ज़ल *
************ग़ज़ल*************
ज़िन्दगी में मेरी वो ना आती तो अच्छा था।
नगमे प्यार के ना सुनाती तो अच्छा था।
बड़ी शान से जीता था' अब टुटा हूँ बहुत
गुलाब है वो' कांटो में ही रहती तो अच्छा था।
सो रहा था मैं' बड़े सुकून के साथ
खयालो में मेरे वो ना आती' तो अच्छा था
उसके दिए ज़ख्म रख लेता' तोहफ़ा समझके
यूँ सरे आम मुझको ना रुलाती' तो अच्छा था।
करती बेवफ़ाई मेरे साथ वो ख़ुशी से' मग़र
गुलज़ार को राजा ना बनाती तो अच्छा था
राईटर~गुलज़ार राजा अंसारी
09997973503
सोमवार, 25 मई 2015
शनिवार, 23 मई 2015
*माँ*
मुझको गोदी में ले लो' फिर से माँ
होगी ना फिर कोई' खता फिर से माँ
पास थी मेरे'तो अहमियत न हुई मालूम
बिन तेरे ज़िन्दगी में' तन्हा बहुत हूँ माँ
झूठा है ये ज़माना' मुझे अच्छा नही लगता
तेरे जैसा माँ' मुझे कोई सच्चा नही लगता
कहती थी अक्सर' मान जा मुझे सताने से
आउंगी ना कभी पास तेरे'रोने और मनाने से
दर्द अपना अब मैं' सुनाऊँ जाके किसको
चली गई रूठके जब तुम ही' मुझसे माँ
लिख लिखके आ गए आंसू तेरे गुलज़ार के
अब तो आ जाओ तुम' इक बार' फिर से माँ
गुलज़ार राजा अंसारी
09997973503
बुधवार, 20 मई 2015
*ज़िन्दगी गुल ऐ गुलज़ार क्या करूँ*
*ग़ज़ल*
उठ उठकर किसी का अब'इंतज़ार क्या करूँ
किसी के लिए दिल अपना' बेक़रार क्या करूँ
चराग़ लेकर भी अब दिखती नही' वफ़ा लोगो में
चोट खाया हूँ बहुत'किसी पे अब ऐतबार क्या करूँ
तौहीन है मोहब्बत की नाम लूँ तेरा' महफ़िल में
नाम लेकर तेरा अब मैं' तुझे सरे बाज़ार क्या करूँ
हो गया हूँ परेशान बहुत इस बेवफा दुनिया से
किनारे हूँ समन्दर के'लहरो का इंतज़ार क्या करूँ
करता हूँ मोहब्बत फ़कत तुझसे' ऐ जाए बहार
तू बता ज़िन्दगी अपनी' गुल ऐ गुलज़ार क्या करूँ।
राईटर~गुलज़ार राजा
सोमवार, 18 मई 2015
*मोहब्बत बचा के रखना*
*ग़ज़ल*
दिल की बात दिल में 'छुपा के रखना
मोहब्बत को ज़माने से'बचाके रखना
चराग मोहब्बत के जलाओ ख़ुशी से
आँधियों से इनको' बचाके रखना
मिल जाए गर मोहब्बत में'ज़ख्म तुम्हे
ज़ख्मो को ज़माने से' बचा के रखना
फूल ऐ गुलाब तोड़ना ख़ुशी से तुम
हाथो को कांटो से' बचाके रखना
देखनी है खामियां दुसरो में तुम्हे'तो
पास अपने भी तुम' आईना रखना
इश्क ऐ मोहब्बत में कंगाल मत होना
*गुलज़ार*
वालीदेन के लिए'मोहब्बत' बचाके रखना
राईटर~गुलज़ार राजा
09997973503
*ग़ज़ल*
उलझन अपनी'मिटाने आजा
दिल के राज़' बताने आजा
तू मेरी है मैं तेरा ही
दुनिया को ये' बताने आजा
देख ना ऐसे नफरत से तू
प्यार से गले लगाने आजा
गुटठी उलझी मेरे दिल की
तू उसको' सुलझाने आजा
प्यार का दीप जला रखा है
बनके आंधी बुझाने आजा
मान ले तू "गुलज़ार"को अपने
सुरत अपनी 'दिखाने आजा
राईटर~गुलज़ार राजा अंसारी
09997973503
रविवार, 17 मई 2015
*ज़िन्दगी से शिकवा*

बस ज़िन्दगी से शिकवा इतना सा है।
************गुलज़ार*********
गुज़रे हुए पल जो दुबारा नही मिले।
गुलज़ार राजा~09997973503
